लालू प्रसाद की सजा निलंबन के खिलाफ अपीलों की सुनवाई अप्रैल में तय
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की सजा निलंबन के खिलाफ अपीलों की सुनवाई अप्रैल 2026 में तय की। मामला देवघर घोटाले से जुड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (17 फरवरी 2026) को देवघर चारा घोटाले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों की सजा निलंबन के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई अप्रैल के महीने में तय की। इस मामले में राज्य के खजाने से 1992 से 1995 के बीच करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरशे की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले की अंतिम सुनवाई 22 अप्रैल 2026 को तय की। यह मामला लंबे समय से विवादों में रहा है, और अदालत ने पहले लालू प्रसाद की सजा को निलंबित कर दिया था। इसके बाद इस निर्णय के खिलाफ कई अपीलें दायर की गई थीं।
यह मामला चारा घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें बिहार के सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई थी। इस घोटाले में लालू प्रसाद यादव समेत कई अन्य नेताओं और अधिकारियों को दोषी ठहराया गया था। अदालत ने चारा घोटाले के आरोपियों को सजा सुनाई थी, लेकिन लालू प्रसाद के मामले में सजा निलंबन पर विवाद उत्पन्न हुआ।
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लालू प्रसाद यादव और अन्य के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से सजा निलंबन के निर्णय को चुनौती दी है, जबकि सरकार इस पर अपना पक्ष रख रही है। अब इस मामले की सुनवाई अप्रैल में होगी, जिसमें कोर्ट सभी पहलुओं पर विचार करेगा।