सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, पुलिस के सामने पेश होने का आदेश बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने पुलिस के सामने पेश होने के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कथित नफरत फैलाने वाले भाषण के मामले में पुलिस के सामने पेश होने के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने कहा कि वह इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की याचिका को स्वीकार करने से मना कर दिया।
महुआ मोइत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत में दलील दी कि कानून के तहत उनकी मुवक्किल को पुलिस के सामने वर्चुअल माध्यम से पेश होने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सांसद के तौर पर उनके लिए ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने का विकल्प उपलब्ध होना चाहिए।
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सुनवाई के दौरान पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “आप संसद सदस्य हैं। राजनीति में आने का फैसला लेने के बाद क्या आप अंडों से डरती हैं?” अदालत की यह टिप्पणी पुलिस के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने को लेकर उठाई गई आपत्ति के संदर्भ में थी।
इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने महुआ मोइत्रा को 15 अगस्त को पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। यह मामला कथित आपत्तिजनक भाषण से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
महुआ मोइत्रा तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और संसद में अपने मुखर बयानों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब महुआ मोइत्रा को हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार पुलिस के समक्ष उपस्थित होना होगा। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जांच एजेंसियों द्वारा जारी रहेगी।