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सूरजकुंड मेले में जान बचाते हुए शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर, मार्च में होने वाली थी रिटायरमेंट

सूरजकुंड मेले में लोगों को बचाते हुए पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत। मार्च में रिटायर होने वाले थे। परिवार को 1 करोड़ मुआवजा और नौकरी देने की घोषणा, झूला संचालक पर FIR दर्ज।

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड मेले में हुए दर्दनाक हादसे में लोगों की जान बचाने की कोशिश करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। 58 वर्षीय जगदीश प्रसाद को 2019-20 में प्रतिष्ठित पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था और वह इस साल मार्च में 36 वर्षों की सेवा पूरी कर रिटायर होने वाले थे।

जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम मेले में लगा एक झूला अचानक बीच हवा में टूटकर गिर गया। हादसे के समय इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद मौके पर मौजूद थे और फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।

हरियाणा पुलिस ने उनके परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। जगदीश प्रसाद उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के डेंगरा गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी सुधा, दो बेटियां निधि और दीप्ति तथा बेटा गौरव हैं, जो सभी अभी पढ़ाई कर रहे हैं और अविवाहित हैं।

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जगदीश प्रसाद के भाई प्रदीप ने बताया कि उन्हें शनिवार रात 8 बजे हादसे की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि उनके भाई को 2019-20 में राज्यपाल द्वारा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था।

इस हादसे के बाद हरियाणा पुलिस ने झूला संचालक मोहम्मद शाकिर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच के लिए झूला क्षेत्र को बंद कर दिया गया है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने घायलों से मुलाकात कर इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को श्रद्धांजलि दी और उनके साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि कर्तव्य निभाते हुए दिया गया उनका बलिदान अतुलनीय है और विभाग परिवार को हर संभव सहायता देगा।

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