तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का अधिकारियों को खुला निर्देश, कहा- प्रभावशाली हों या आम, दोषियों पर करें सख्त कार्रवाई
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होकर काम करने, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई, महिलाओं की सुरक्षा और बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य के जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि वे बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से काम करें और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ उनकी हैसियत या प्रभाव की परवाह किए बिना सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को किसी भी स्थिति में परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
चेन्नई स्थित सचिवालय में आयोजित दो दिवसीय संयुक्त सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों (एसपी), पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), उप महानिरीक्षकों (डीआईजी) और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित किया। यह सम्मेलन टीवीके सरकार के सत्ता संभालने के बाद पहली बार आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खनन और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसके मूल कारणों की पहचान कर उन्हें रोकने की रणनीति बनाई जाए। विशेष रूप से कावेरी और वैगई नदी क्षेत्रों में अवैध रेत खनन पर संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
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उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिला अपराध और पॉक्सो (POCSO) कानून से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। स्कूलों और कॉलेजों के आसपास संचालित दुकानों पर नियमित निगरानी रखने और नशे से जुड़े अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने को भी कहा गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों, मछुआरों और दिव्यांगजनों की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने तथा नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने राशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सड़क और सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सेवाओं में सुधार पर विशेष जोर दिया।
विजय ने जातिगत भेदभाव और हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, प्रत्येक जिले में भूमि विवाद समाधान समिति गठित करने और किशोर अपराध, गैंग गतिविधियों तथा नशे की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेन्नई, कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार तथा पूर्वोत्तर राज्यों से आए श्रमिकों का अनिवार्य पंजीकरण कराने के भी निर्देश दिए।
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