तमिलनाडु में दूध खरीद मूल्य 3 रुपये बढ़ा, दो हफ्ते में दूसरी बढ़ोतरी; किसानों को अब 44 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे
तमिलनाडु सरकार ने आविन के दूध खरीद मूल्य में 3 रुपये की बढ़ोतरी कर किसानों को अब 44 रुपये प्रति लीटर देने की घोषणा की। दो सप्ताह में यह दूसरी वृद्धि है।
तमिलनाडु सरकार ने डेयरी किसानों को राहत देते हुए राज्य की सरकारी डेयरी सहकारी संस्था आविन द्वारा खरीदे जाने वाले दूध का खरीद मूल्य 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार, 31 अगस्त को विधानसभा में यह घोषणा की। अब किसानों को दूध के लिए 41 रुपये के बजाय 44 रुपये प्रति लीटर का भुगतान किया जाएगा।
यह दो सप्ताह के भीतर दूध खरीद मूल्य में दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 19 अगस्त को सरकार ने खरीद मूल्य 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि ताजा वृद्धि का उद्देश्य बढ़ती लागत के बीच राज्य के डेयरी किसानों को अधिक आर्थिक राहत देना है।
उन्होंने बताया कि पशु चारे और मवेशियों के रखरखाव की बढ़ती लागत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था से राज्य सरकार पर हर महीने करीब 60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। सालाना यह खर्च लगभग 720 करोड़ रुपये होगा।
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मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में बिजली, सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से जुड़े कई बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी घोषणा की। सरकार तमिलनाडु ट्रांसमिशन इम्प्रूवमेंट स्कीम के तहत 33,066 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके तहत 196 नए बिजली उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे और लगभग 15,000 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी।
तूतीकोरिन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत 1,600 मेगावाट क्षमता का सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 20,800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। चेन्नई के बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 1,762 करोड़ रुपये के उन्नयन कार्य भी किए जाएंगे।
इसके अलावा कांचीपुरम जिले के मदुरमंगलम में 175 करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पार्क स्थापित किया जाएगा। कोयंबटूर में 400 करोड़ रुपये का फिनटेक हब बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने तिरुचिरापल्ली क्षेत्र में बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स हब स्थापित करने की योजना भी घोषित की। उन्होंने कहा कि बढ़ती बिजली खपत और आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए राज्य में आधुनिक बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण ढांचे को मजबूत करना जरूरी है।
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