तमिलनाडु विधानसभा ने जल संसाधन प्रबंधन प्राधिकरण गठन विधेयक पारित किया
तमिलनाडु विधानसभा ने जल संसाधनों के समग्र और एकीकृत प्रबंधन के लिए तमिलनाडु जल संसाधन प्रबंधन प्राधिकरण के गठन से जुड़ा विधेयक पारित किया।
तमिलनाडु विधान सभा ने शनिवार (24 जनवरी, 2026) को तमिलनाडु जल संसाधन (विनियमन, प्रबंधन और संवर्धन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इस विधेयक के तहत राज्य में तमिलनाडु जल संसाधन प्रबंधन प्राधिकरण (TNWRMA) की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही जिला स्तरीय समितियों के गठन और राज्य तथा जिला जल संसाधन प्रबंधन योजनाओं के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार ने इस विधेयक को पेश करते हुए कहा कि तमिलनाडु में जल संकट, अनियमित वर्षा, भूजल के अत्यधिक दोहन और जल स्रोतों के असंतुलित उपयोग जैसी समस्याएं गंभीर होती जा रही हैं। ऐसे में जल संसाधनों के प्रभावी संरक्षण, न्यायसंगत वितरण और दीर्घकालिक प्रबंधन के लिए एक समग्र और एकीकृत नीति की आवश्यकता है।
सरकार के अनुसार यह कानून राज्य के सभी प्रकार के जल संसाधनों—जैसे सतही जल, भूजल, वर्षा जल, नदियां, झीलें और जलाशय—के नियमन और प्रबंधन के लिए एक संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से जल संसाधनों की योजना, निगरानी और संवर्धन को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
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विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि राज्य और जिला स्तर पर जल संसाधन प्रबंधन योजनाएं तैयार की जाएंगी, ताकि स्थानीय जरूरतों और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार जल नीति को लागू किया जा सके। जिला समितियां स्थानीय प्रशासन, विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर काम करेंगी।
सरकार का मानना है कि इस प्राधिकरण के गठन से जल से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता बढ़ेगी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। इससे कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच चर्चा के बाद विधेयक को बहुमत से पारित कर दिया गया। राज्य सरकार ने इसे तमिलनाडु में जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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