×
 

लोकसभा में कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पेश करेंगी निर्मला सीतारमण

लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पेश करेंगी। सदन में अतिरिक्त अनुदान, विनियोग विधेयक और बैंकिंग कानूनों पर भी चर्चा होगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगी। लोकसभा की संशोधित कार्यसूची के अनुसार यह विधेयक देश के कर और वित्तीय कानूनों में आवश्यक बदलाव करने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाया जा सकेगा।

प्रस्तावित विधेयक के तहत भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007, आयकर अधिनियम, 2025 तथा वित्त अधिनियम, 2026 में संशोधन किए जाएंगे। इन संशोधनों का उद्देश्य बदलती आर्थिक परिस्थितियों और डिजिटल वित्तीय प्रणाली की आवश्यकताओं के अनुरूप कानूनी ढांचे को मजबूत करना है।

वित्त मंत्री सदन के पटल पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एक स्पष्टीकरणात्मक वक्तव्य भी रखेंगी। इसमें आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 (संख्या-2, 2026) जारी करने के कारणों की जानकारी दी जाएगी।

और पढ़ें: तमिलनाडु बजट 2026: नवजातों को सोने की अंगूठी, छात्रों को वेट्री लैपटॉप, महिलाओं और किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं

दिन की विधायी कार्यवाही के दौरान लोकसभा में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगों पर चर्चा भी होगी। चर्चा के बाद वित्त मंत्री विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 प्रस्तुत करेंगी। इस विधेयक के माध्यम से 31 मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान कुछ सेवाओं पर स्वीकृत राशि से अधिक हुए सरकारी व्यय को संसद की मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

सदन में विभिन्न संसदीय स्थायी समितियों की सिफारिशों के क्रियान्वयन पर भी संबंधित मंत्री अपने-अपने वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) से संबंधित सिफारिशों पर जानकारी देंगे। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी भूमि संसाधन विभाग तथा केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग से जुड़ी सिफारिशों के क्रियान्वयन पर सदन को अवगत कराएंगे।

इसके अलावा लोकसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 पर भी विचार और पारित किए जाने की संभावना है। इस विधेयक का उद्देश्य डिजिटल बैंकिंग के वर्तमान दौर के अनुरूप बैंकिंग अभिलेखों से संबंधित साक्ष्य के कानूनी ढांचे का आधुनिकीकरण करना है। दिन की कार्यवाही में नियम 377 के अंतर्गत विषयों पर चर्चा और अन्य लंबित विधायी कार्य भी शामिल रहेंगे।

और पढ़ें: आरबीआई ने रेपो दर 5.25% पर बरकरार रखी, मौद्रिक नीति का तटस्थ रुख कायम

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share