डॉ. आंबेडकर पर किताब को लेकर तेलंगाना में विरोध, लेखक की गिरफ्तारी की मांग
तेलंगाना में हमार प्रसाद की डॉ. आंबेडकर पर किताब को लेकर विरोध तेज है। दलित संगठनों ने प्रदर्शन कर गिरफ्तारी और प्रकाशन रोकने की मांग की है।
तेलंगाना में कार्यकर्ता और लेखक हमार प्रसाद की तेलुगु किताब ‘कल्पित नायकुडु’ (द फैब्रिकेटेड लीडर) को लेकर विवाद बढ़ गया है। दलित और आंबेडकरवादी संगठनों ने कई जिलों में प्रदर्शन करते हुए किताब के प्रकाशन पर रोक लगाने और लेखक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
करीब 730 पन्नों की इस किताब के लेखक नागुलारापु वारा प्रसाद उर्फ हमार प्रसाद हैं। किताब के शीर्षक और डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विरासत के कथित चित्रण को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। प्रचार सामग्री के अनुसार, किताब में आंबेडकर के संदर्भ में “राष्ट्र-विरोधी” और “हिंदू-विरोधी” विचारों तथा अलगाववाद जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया है।
वहीं, प्रसाद का कहना है कि उनकी किताब व्यक्तिपूजा को चुनौती देने और देश का वह “वास्तविक इतिहास” सामने रखने का प्रयास है, जिसे वह अलग नजरिए से देखते हैं।
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विवाद के बीच तेलंगाना के कई जिलों में प्रदर्शन हुए। आसिफाबाद में दलित संगठनों ने गुरुवार को लुंबिनी दीक्षा भूमि से आंबेडकर चौक तक रैली निकाली और प्रसाद का पुतला जलाया। इंद्रावेली और निर्मल में भी इसी तरह के प्रदर्शन किए गए।
विभिन्न स्थानों पर पुलिस में शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं। मेडक जिले के दुब्बाका में तेलंगाना माला महानाडु के नेताओं ने आंबेडकर के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कार्रवाई की मांग की। कामारेड्डी जिले के तदवई में आंबेडकर एसोसिएशन के सदस्यों ने लिखित शिकायत देकर प्रसाद की गिरफ्तारी की मांग की।
मामला तेलंगाना हाई कोर्ट भी पहुंचा। किताब के विमोचन पर रोक लगाने की याचिका के जवाब में राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि कथित मानहानिकारक और अपमानजनक सामग्री से जुड़े मामले में लेखक को गिरफ्तार किया गया है।
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