×
 

तेलंगाना में वेतन ढांचा हुआ भारी: वरिष्ठ सफाईकर्मी को 2 लाख, इंजीनियर को 7 लाख तक भुगतान

तेलंगाना में 2014 के बाद वेतन और पेंशन खर्च चार गुना बढ़कर 6,000 करोड़ रुपये मासिक हो गया। वेतन संशोधन और डीए बढ़ोतरी को इसकी मुख्य वजह बताया गया।

तेलंगाना राज्य के गठन (2014) के बाद से सरकारी वेतन और पेंशन पर होने वाला खर्च लगभग चार गुना बढ़ गया है। वर्तमान में राज्य सरकार हर महीने करीब 6,000 करोड़ रुपये वेतन और सेवानिवृत्ति लाभों पर खर्च कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस भारी वृद्धि की मुख्य वजह लगातार वेतन संशोधन और महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी है, जिनमें से कई चुनावी वर्षों के आसपास लागू किए गए।

25 फरवरी को सेंटर फॉर इकोनॉमिक एंड सोशल स्टडीज में आयोजित 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर एक सम्मेलन में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2014 में मासिक वेतन और पेंशन व्यय लगभग 1,500 करोड़ रुपये था, जो पिछले एक दशक में करीब 300 प्रतिशत बढ़ गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विभिन्न विभागों में वेतन संरचना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वरिष्ठ सफाईकर्मियों को लगभग 2 लाख रुपये तक मासिक वेतन मिल रहा है, जबकि इंजीनियरों को 7 लाख रुपये तक भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई है। वेतन पुनरीक्षण आयोगों की सिफारिशों और डीए वृद्धि ने राज्य के स्थायी वित्तीय दायित्वों को काफी बढ़ा दिया है।

और पढ़ें: कुमारम भीम आसिफाबाद के आदिवासी गांव में AI-सहायता वाले उपकरणों से शिक्षा और स्वास्थ्य में बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन और पेंशन पर बढ़ता खर्च राज्य के बजट संतुलन के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि, सरकार का तर्क है कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए वेतन संशोधन आवश्यक थे।

अब 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के संदर्भ में यह देखा जाएगा कि राज्य अपने बढ़ते राजकोषीय भार को कैसे संतुलित करता है।

और पढ़ें: बीजेपी ने करीमनगर में महापौर और उपमहापौर पदों पर जीत हासिल की; तेलंगाना नगर निगम का पहली बार नेतृत्व करेगी

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share