एक हफ्ते में तीसरी रात मुठभेड़: किश्तवाड़ की बर्फीली पहाड़ियों में सेना ने पाकिस्तानी आतंकियों को घेरा
किश्तवाड़ की बर्फीली पहाड़ियों में सेना ने पाकिस्तानी आतंकियों को घेर लिया है। एक हफ्ते में यह तीसरी रात की मुठभेड़ है, जिससे सीमा पार आतंकवाद की कोशिशें उजागर हुई हैं।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच एक बार फिर तनावपूर्ण हालात देखने को मिले हैं। एक हफ्ते के भीतर यह तीसरी रात है जब भारतीय सेना ने बर्फ से ढकी पहाड़ियों में घुसपैठ की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी आतंकियों को घेर लिया है। दुर्गम और अत्यधिक ठंडे इलाके में चल रहे इस अभियान को सुरक्षा एजेंसियां बेहद अहम मान रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, सेना को खुफिया जानकारी मिली थी कि नियंत्रण रेखा के पार से आए कुछ आतंकी किश्तवाड़ के ऊपरी इलाकों में छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। जैसे ही आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, इलाके की घेराबंदी कर दी गई और रात के समय मुठभेड़ शुरू हो गई।
बर्फबारी और खराब मौसम के बावजूद सेना के जवान लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों को भागने का कोई रास्ता नहीं दिया जा रहा है और पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं। स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ संवेदनशील इलाकों में आवाजाही सीमित कर दी गई है।
और पढ़ें: 77वां गणतंत्र दिवस 2026: राजपथ पर दिखेगी भारत की सैन्य शक्ति और विकास की झलक
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल के दिनों में सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों में तेजी आई है। एक ही हफ्ते में तीसरी मुठभेड़ इस बात का संकेत है कि आतंकी संगठन सर्दियों के मौसम का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सेना की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते उनके मंसूबों को नाकाम किया जा रहा है।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान पूरी दृढ़ता से जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अभियान के पूरा होने तक तलाशी जारी रहेगी।
और पढ़ें: जम्मू-कश्मीर के डोडा सड़क हादसे में शहीद 10 जवानों को सेना ने दी श्रद्धांजलि