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महिला सशक्तिकरण के नाम पर खतरनाक परिसीमन, बंगाल को कमजोर करने की साजिश: तृणमूल कांग्रेस

तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर परिसीमन बिल के जरिए बंगाल की संसदीय ताकत कमजोर करने का आरोप लगाया है। टीएमसी ने इसे महिला सशक्तिकरण के नाम पर एक खतरनाक कदम बताया है।

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल तेजी से गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए परिसीमन बिल को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने इसे “खतरनाक” कदम बताया है और कहा है कि इसे महिला सशक्तिकरण के नाम पर पेश किया जा रहा है, जबकि इसका असली उद्देश्य पश्चिम बंगाल की संसदीय ताकत को कमजोर करना है।

टीएमसी नेताओं का कहना है कि भाजपा परिसीमन प्रक्रिया के जरिए लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का पुनर्गठन इस तरह से करना चाहती है जिससे कुछ राज्यों, विशेषकर बंगाल, की राजनीतिक हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह कदम लोकतांत्रिक संतुलन को बिगाड़ सकता है और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को कमजोर कर सकता है।

टीएमसी ने कहा कि वे महिला सशक्तिकरण के पक्ष में हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि संवैधानिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जाए। पार्टी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह परिसीमन को एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

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वहीं, भाजपा की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। भाजपा नेताओं ने टीएमसी के आरोपों को “भ्रम फैलाने की कोशिश” बताया है।

इस मुद्दे को लेकर राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है और आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज हो सकता है। दोनों दलों के बीच बयानबाजी से चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

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