भारत के टॉप 10 सरकारी बैंक: सबसे ज्यादा खाताधारक, जमा राशि और कर्ज देने वाले बैंक कौन से हैं?
भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में खाताधारकों, जमा राशि और ऋण वितरण के आधार पर प्रमुख बैंकों की जानकारी सामने आई है।
भारत की बैंकिंग व्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये बैंक देश के करोड़ों ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराते हैं और बड़ी मात्रा में जमा राशि तथा ऋण पोर्टफोलियो का प्रबंधन करते हैं।
वर्तमान समय में भारत में कुल 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं।
इन बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसके पास सबसे बड़ा ग्राहक आधार, जमा राशि और ऋण पोर्टफोलियो है। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक जैसे बैंक प्रमुख स्थान रखते हैं।
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संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा सांसद मंजू शर्मा ने सरकार से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मांगी है। उन्होंने सरकार से पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रत्येक सरकारी बैंक में खाताधारकों की कुल संख्या, जमा राशि और वितरित किए गए ऋण की वर्षवार और बैंकवार जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
इसके अलावा सांसद ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण को लेकर किसी संस्था, संगठन या अन्य पक्ष की ओर से कोई सुझाव या सिफारिश प्राप्त हुई है।
सरकारी बैंक देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये बैंक कृषि, छोटे और मध्यम उद्योगों, आवास, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्ध कराकर आर्थिक विकास में योगदान देते हैं।
हाल के वर्षों में सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें बैंक विलय, डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देना और खराब ऋणों को कम करने के प्रयास शामिल हैं।
बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच सरकारी बैंक अब तकनीक आधारित सेवाओं, ऑनलाइन बैंकिंग और ग्राहक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दे रहे हैं। संसद में मांगी गई जानकारी से आने वाले समय में इन बैंकों के प्रदर्शन और वित्तीय स्थिति की विस्तृत तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
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