TTD लड्डू विवाद में जांच समिति की रिपोर्ट पेश, प्रशासनिक खामियां उजागर, सुधारों की सिफारिश
TTD लड्डू विवाद जांच रिपोर्ट में प्रशासनिक खामियां उजागर हुईं। समिति ने ट्रस्ट बोर्ड सुधार, निगरानी मजबूत करने और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए सख्त मैनुअल बनाने की सिफारिश की है।
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के प्रसिद्ध लड्डू प्रसादम में मिलावटी घी की आपूर्ति से जुड़े विवाद की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट आंध्र प्रदेश सरकार को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में कई प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक खामियों की पहचान की गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के सूत्रों के अनुसार, यह जांच समिति सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दिनेश कुमार के नेतृत्व में गठित की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि टीटीडी प्रशासन में मौजूद खामियों के कारण घी की गुणवत्ता में मिलावट की स्थिति उत्पन्न हुई।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सुधारों की सिफारिश की है। इनमें ट्रस्ट बोर्ड के सदस्यों की संख्या में कमी, उनकी पात्रता मानदंडों में बदलाव, और निगरानी (विजिलेंस) तंत्र को मजबूत करना शामिल है।
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इसके अलावा, समिति ने खरीद (प्रोक्योरमेंट), भंडारण (स्टोरेज), गुणवत्ता नियंत्रण और निरीक्षण के लिए एक विस्तृत मैनुअल तैयार करने की भी सिफारिश की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोका जा सके।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और निगरानी व्यवस्था की कमजोरियों ने इस पूरे मामले को जन्म दिया।
सरकार अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और सुधारात्मक कदमों पर विचार कर रही है। इस मामले ने धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
टीटीडी जैसे बड़े धार्मिक ट्रस्ट में सुधारों की आवश्यकता पर यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण संकेत देती है, जिससे भविष्य में प्रसाद की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
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