धरापुरम उपचुनाव में टीवीके की पी. सत्यबामा की जीत, विजय की पार्टी ने पहली चुनावी परीक्षा पास की
तमिलनाडु के धरापुरम उपचुनाव में टीवीके की पी. सत्यबामा ने डीएमके उम्मीदवार को 9,471 वोटों से हराया। मदुरांतकम में भी टीवीके उम्मीदवार के. मरगाथम कुमारवेल बढ़त बनाए हुए हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) ने धरापुरम उपचुनाव में जीत हासिल कर अपनी पहली चुनावी परीक्षा पास कर ली है। पार्टी की उम्मीदवार पी. सत्यबामा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) की एस. सुगन्या को 9,471 वोटों से हरा दिया।
पी. सत्यबामा को कुल 66,841 वोट मिले, जो कुल मतों का 37.02 प्रतिशत है। वहीं, डीएमके की एस. सुगन्या को 57,370 वोट यानी 31.78 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) की के. बनुमति 45,280 वोटों और 25.08 प्रतिशत मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
धरापुरम सीट पर उपचुनाव एआईएडीएमके की विधायक पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद आवश्यक हुआ था। इस्तीफे के बाद वह सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गई थीं। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने एआईएडीएमके के टिकट पर यह सीट जीती थी।
और पढ़ें: सोमरसॉल्ट भामा टिप्पणी पर विवाद, टीवीके ने एमके स्टालिन पर लगाया बॉडी-शेमिंग का आरोप
मदुरांतकम में भी टीवीके आगे
मदुरांतकम उपचुनाव में भी टीवीके की उम्मीदवार के. मरगाथम कुमारवेल बढ़त बनाए हुए हैं। उनका मुकाबला डीएमके के आई. परंथामन और एआईएडीएमके के एस. कनितासंपत से है। यह उपचुनाव भी कुमारवेल के एआईएडीएमके विधायक पद से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होने के बाद कराया गया।
टीवीके का राजनीतिक सफर
सत्यबामा और कुमारवेल ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में क्रमशः धरापुरम और मदुरांतकम से जीत दर्ज की थी। बाद में दोनों ने एआईएडीएमके छोड़कर टीवीके का दामन थाम लिया। इसके बाद चुनाव आयोग को दोनों सीटों पर उपचुनाव कराना पड़ा।
टीवीके ने 2026 के विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था, लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। सरकार बनाने के लिए विजय को कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथैगल काची, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वामपंथी दलों का समर्थन लेना पड़ा। गठबंधन ने धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय को अपनी प्राथमिकता बताया है।
और पढ़ें: एक वोट से जीत का मामला: मद्रास हाई कोर्ट ने टीवीके विधायक की जीत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की