रूसी तेल ठिकानों को निशाना बना रहे यूक्रेनी ड्रोन, यूरोप में बढ़ी सुरक्षा चिंता
यूक्रेनी ड्रोन गतिविधियों से यूरोप में सुरक्षा चिंता बढ़ गई है। एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया में ड्रोन घटनाओं के बाद नाटो देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अब यूक्रेनी ड्रोन गतिविधियों का असर यूरोप के कई देशों तक पहुंचने लगा है। हाल के महीनों में यूक्रेन के ड्रोन एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया जैसे देशों के हवाई क्षेत्र में देखे गए, जिससे नाटो और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की चिंता बढ़ गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, एक यूक्रेनी ड्रोन एस्टोनिया के एक पावर प्लांट की चिमनी से टकरा गया, जबकि लातविया में खाली ईंधन टैंकों को नुकसान पहुंचा। वहीं लिथुआनिया में तैनात रोमानियाई लड़ाकू विमानों ने संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया।
इन घटनाओं के बाद पहली बार किसी नाटो और यूरोपीय संघ की राजधानी में लोगों को भूमिगत पार्किंग क्षेत्रों में शरण लेते देखा गया। लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में अधिकारियों ने पड़ोसी बेलारूस के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की चेतावनी जारी की, जिसके बाद नागरिकों में दहशत का माहौल बन गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन रूस के तेल निर्यात ढांचे और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन हमलों का इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, कई बार ये ड्रोन नियंत्रण से बाहर होकर पड़ोसी यूरोपीय देशों के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं।
नाटो देशों ने इस स्थिति को गंभीर सुरक्षा चुनौती माना है। यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियां अब सीमा निगरानी और हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने की तैयारी में हैं।
युद्ध के चलते पहले ही पूर्वी यूरोप में तनाव बढ़ा हुआ है और अब ड्रोन घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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