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सोनभद्र में महिला अधिवक्ता से मारपीट मामला: टोल प्लाजा के दो कर्मचारी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

सोनभद्र में टोल प्लाजा पर महिला अधिवक्ता और उनके परिजनों से मारपीट के मामले में पुलिस ने दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक महिला अधिवक्ता और उनके परिजनों के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने टोल प्लाजा के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना जिले के रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत लोढ़ी गांव स्थित टोल प्लाजा पर हुई, जिसने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रविवार को उस समय हुई जब महिला अधिवक्ता अपने परिजनों के साथ टोल प्लाजा से गुजर रही थीं। इसी दौरान टोल शुल्क को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों ने महिला अधिवक्ता और उनके रिश्तेदारों के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर रूप से अपमानित किया।

सर्किल ऑफिसर (सिटी) रणधीर मिश्रा ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामजी तिवारी, निवासी हमीरपुर जिला, और सर्वेश यादव, निवासी अंबेडकर नगर जिला, के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जिसमें टोल प्लाजा के सात से आठ अन्य कर्मचारियों को भी नामजद किया गया है। हालांकि, इन अन्य आरोपियों का पूरा विवरण अभी उपलब्ध नहीं है। पुलिस की कई टीमें उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सटीक जानकारी जुटाई जा सके। साथ ही, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत एकत्र किए जा सकें।

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश देखा जा रहा है। अधिवक्ता संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिला अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कानून की सेवा करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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