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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा से पहले मॉक ड्रिल, गंगोत्री-यमुनोत्री समेत आठ स्थानों पर अभ्यास

चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में गंगोत्री और यमुनोत्री समेत आठ स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, ताकि आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी कड़ी में राज्य के गंगोत्री और यमुनोत्री सहित कुल आठ स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई।

इस राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का निरीक्षण उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने किया। यह अभ्यास राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों और एजेंसियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति, जैसे प्राकृतिक आपदा, भूस्खलन, या अन्य संकट की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से प्रशासन और बचाव दलों की तैयारियों को परखा गया।

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अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास राज्य के सात जिलों में किया जा रहा है, जहां चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि इस तरह के अभ्यास से आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है और किसी भी आकस्मिक स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं, इसलिए सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव प्रदान किया जाए। इस दिशा में मॉक ड्रिल एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे संभावित खतरों से निपटने की क्षमता को और मजबूत किया जा सके।

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