वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के लिए पहले चरण के मकान फरवरी में सौंपे जाएंगे: केरल राजस्व मंत्री
केरल सरकार फरवरी 2026 में वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के लिए पहले चरण के मकान सौंपेगी, जो कल्पेट्टा के पास टाउनशिप परियोजना के तहत सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ तैयार किए गए हैं।
केरल के राजस्व मंत्री के. राजन ने कहा है कि वायनाड जिले में मुंडक्कई–चूरलमला भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए आवासों के पहले चरण को फरवरी 2026 में सौंप दिया जाएगा। यह पुनर्वास प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे आपदा प्रभावित परिवारों को स्थायी आश्रय मिल सकेगा।
सोमवार (19 जनवरी 2026) को वायनाड में The Indian Witness से बातचीत करते हुए मंत्री के. राजन ने बताया कि ये मकान कल्पेट्टा के पास एल्स्टन एस्टेट में विकसित किए जा रहे एक व्यापक टाउनशिप परियोजना का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में तैयार हो रहे सभी मकान रहने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे और इनमें बिजली, पेयजल, सड़क, स्वच्छता और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना राज्य सरकार के उस पुनर्वास कार्यक्रम का हिस्सा है, जो 30 जुलाई 2024 को वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन में अपने घर गंवाने वाले लोगों के लिए शुरू किया गया था। उस प्राकृतिक आपदा में कई गांव प्रभावित हुए थे और बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए थे।
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के. राजन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक और टिकाऊ जीवन देना है। इसी कारण टाउनशिप परियोजना को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक सुविधाओं तक भी लोगों की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने यह भी बताया कि आगे के चरणों में और अधिक घरों का निर्माण तेजी से पूरा किया जाएगा, ताकि सभी पात्र परिवारों को जल्द से जल्द पुनर्वास का लाभ मिल सके। राज्य सरकार इस परियोजना की लगातार निगरानी कर रही है और समयबद्ध तरीके से इसे पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
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