पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक मतदान: दो चरणों में 92% से अधिक वोटिंग, टीएमसी-बीजेपी में कड़ा मुकाबला
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में रिकॉर्ड 92% से अधिक मतदान हुआ। टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है। परिणाम 4 मई को घोषित होंगे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, दो चरणों में कुल मतदान 92.47 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो स्वतंत्रता के बाद राज्य में अब तक का सबसे अधिक मतदान माना जा रहा है। इससे पहले सबसे अधिक मतदान 2011 में 84.72 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण बुधवार को संपन्न हुआ, जिसमें लगभग 91.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। कुल मिलाकर दोनों चरणों में भारी मतदान ने राज्य में लोकतांत्रिक भागीदारी का नया रिकॉर्ड बना दिया है।
दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, जबकि कुल 294 सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में संपन्न हुआ। इस चुनाव में लगभग 3.21 करोड़ मतदाता शामिल थे, जिनमें पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
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लिंग आधारित मतदान के आंकड़ों में भी महिलाओं की भागीदारी अधिक रही। महिला मतदान 93.24 प्रतिशत और पुरुष मतदान 91.74 प्रतिशत दर्ज किया गया। दूसरे चरण में भी महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से थोड़ी अधिक रही।
राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच है। टीएमसी चौथी बार सत्ता में वापसी के लिए प्रयासरत है, जबकि बीजेपी पहली बार राज्य में ऐतिहासिक जीत की कोशिश कर रही है।
मतदान के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, अभिषेक बनर्जी और कई अन्य प्रमुख नेताओं ने अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
हालांकि मतदान शांतिपूर्ण नहीं रहा और कुछ स्थानों पर हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप की घटनाएं भी सामने आईं।
चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिन पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।
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