कर्नाटक के पहले बार के विधायकों ने कांग्रेस नेतृत्व को लिखा पत्र, कैबिनेट में शामिल होने की मांग
कर्नाटक के पहले बार के 38 विधायकों ने कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर कैबिनेट में शामिल होने की मांग की, जिसमें कम से कम पांच नए विधायकों को मौका देने का आग्रह किया गया।
कर्नाटक कांग्रेस सरकार के 38 पहले बार के विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर आगामी कैबिनेट रिफ़ाइल में अपनी हिस्सेदारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब सरकार बनी थी, तब 34-सदस्यीय कैबिनेट में कोई भी नए विधायक शामिल नहीं किया गया था। इस समूह ने प्रधानमंत्री के रूप में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और वरिष्ठ एआईसीसी नेताओं को पत्र भेजा।
पत्र में विधायकों ने जोर दिया कि जनता ने विधानसभा चुनाव में कई नए चेहरों को चुनकर स्पष्ट संदेश दिया कि वे युवा और नई नेतृत्व क्षमता देखना चाहते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि कम से कम पांच नए विधायकों को मंत्री पद दिए जाएँ, जिससे प्रशासन में युवा और अनुभव का संतुलन बना रहे।
विधायकों ने यह भी कहा कि युवा, सक्रिय और नयी ऊर्जा वाले विधायक कैबिनेट में शामिल होने से सरकार की कार्यक्षमता बढ़ेगी और 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि अन्य राज्यों में कई पहले बार के विधायक मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य बने हैं।
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पत्र में उल्लेख किया गया है कि नई प्रतिभाओं को अवसर देना ज़रूरी है और यह किसी नए विचार की शुरुआत नहीं है। विधायक कांग्रेस विचारधारा से जुड़े हुए हैं और वे चाहते हैं कि कर्नाटक सरकार में पारदर्शी और भरोसेमंद शासन स्थापित हो।
कांग्रेस नेतृत्व ने अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह कदम कर्नाटक में संभावित कैबिनेट रिफ़ाइल पर ध्यान खींच रहा है।
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