रसमलाई विवाद तेज, ठाकरे बंधुओं का BJP नेताओं पर तीखा हमला, नपुंसकता तक की टिप्पणी
बीएमसी चुनाव से पहले अन्नामलाई के मुंबई संबंधी बयान पर ठाकरे बंधुओं का तीखा हमला जारी है। शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा नेता के. अन्नामलाई पर हमले तेज कर दिए हैं और साथ ही महाराष्ट्र भाजपा से यह सवाल भी किया है कि उसने अन्नामलाई की “महाराष्ट्र विरोधी” टिप्पणियों की निंदा क्यों नहीं की।
भाजपा के तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई हाल ही में मुंबई आए थे, जहां उन्होंने बीएमसी चुनाव के लिए भाजपा के पक्ष में प्रचार किया। एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई को “ट्रिपल इंजन सरकार” की जरूरत है—केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य में देवेंद्र फडणवीस और बीएमसी में भाजपा का मेयर।
अन्नामलाई ने कहा, “मुंबई महाराष्ट्र का शहर नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय शहर है। इस शहर का बजट 75,000 करोड़ रुपये है। चेन्नई का बजट 8,000 करोड़ और बेंगलुरु का 19,000 करोड़ रुपये है। ऐसे में वित्त और विकास को संभालने के लिए सक्षम प्रशासन जरूरी है।”
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इन बयानों पर ठाकरे बंधुओं—उद्धव और राज—ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अन्नामलाई के बयान भाजपा के “छिपे एजेंडे” को उजागर करते हैं। वहीं राज ठाकरे ने अन्नामलाई को मिठाई के नाम पर “रसमलाई” कहकर तंज कसा और सवाल उठाया कि उन्हें मुंबई के मुद्दों पर बोलने का क्या अधिकार है।
जवाब में अन्नामलाई ने कहा कि उन्हें धमकाने वाले यह बताएं कि राज ठाकरे कौन होते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे गर्व है कि मैं किसान का बेटा हूं। अगर मैं धमकियों से डरता तो अपने गांव में ही रहता।”
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ ने संपादकीय में अन्नामलाई को तमिलों का भी गद्दार बताया और महाराष्ट्र भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे ऐसे बयानों की निंदा नहीं कर सकते तो उन्हें “नपुंसक” क्यों न कहा जाए।
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