शिवसेना (यूबीटी) सिर्फ पार्टी नहीं, एक विचार है, भाजपा इसे खत्म नहीं कर सकती: उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) केवल राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक विचार है, जिसे भाजपा खत्म नहीं कर सकती। उन्होंने ठाकरे विरासत को अमिट बताया।
मुंबई महानगरपालिका चुनावों में पराजय के कुछ दिनों बाद शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा यह मानती है कि वह शिवसेना (यूबीटी) को समाप्त कर सकती है, तो यह उसकी बड़ी भूल है। उद्धव ठाकरे ने दो टूक कहा कि शिवसेना (यूबीटी) केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जिसे किसी भी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।
शुक्रवार को उद्धव ठाकरे अपने पिता और अविभाजित शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी समारोह के तहत आयोजित कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कई लोग ठाकरे नाम और उसकी विरासत को मिटाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। उद्धव ने कहा कि बाल ठाकरे के विचार आज भी लाखों लोगों के दिलों में जीवित हैं और वही शिवसेना की असली ताकत हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी हार या राजनीतिक दबाव किसी विचारधारा को कमजोर नहीं कर सकते। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मुश्किल समय में भी संगठन को मजबूत रखें और जनता के बीच अपनी बात मजबूती से रखें। उद्धव ठाकरे ने भरोसा जताया कि शिवसेना (यूबीटी) आने वाले समय में फिर से मजबूती के साथ उभरेगी।
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कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे से पहले उनके चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी सभा को संबोधित किया। राज ठाकरे ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की तुलना “गुलामों के बाजार” से की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव, जिनमें कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के चुनाव भी शामिल हैं, किसी “नीलामी” की तरह हो रहे हैं।
राज ठाकरे के इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। पूरे कार्यक्रम के दौरान ठाकरे परिवार की विरासत और महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर गहन संदेश देखने को मिला।
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