भारत का पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेलों पर प्रतिबंध जारी, बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को मिली छूट
भारत ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेलों पर प्रतिबंध जारी रखा, जबकि बहुराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी की अनुमति दी। सरकार वैश्विक खेल मेजबानी के लिए वीजा प्रक्रिया भी सरल कर रही है।
भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल प्रतियोगिताओं पर प्रतिबंध को जारी रखने का फैसला किया है, जबकि बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भागीदारी को अनुमति दी गई है। खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह नीति पहले की तरह लागू रहेगी।
मंत्रालय ने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों, भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण को जारी एक परिपत्र में कहा कि भारतीय टीमें पाकिस्तान में किसी भी द्विपक्षीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगी और न ही पाकिस्तान की टीमों को भारत में खेलने की अनुमति दी जाएगी।
हालांकि, बहुराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारत अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के नियमों का पालन करेगा। इसके तहत भारतीय खिलाड़ी और टीमें उन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगी, जिनमें पाकिस्तान के खिलाड़ी भी भाग लेते हैं। इसी तरह, भारत में आयोजित बहुपक्षीय आयोजनों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भी भाग लेने की अनुमति होगी।
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यह नीति पहली बार 2025 एशिया कप से पहले घोषित की गई थी, जो पहलगाम आतंकी हमले और भारत के जवाबी ऑपरेशन सिंदूर के बाद आयोजित हुआ था। मंत्रालय ने उस समय भी स्पष्ट किया था कि द्विपक्षीय संबंध प्रभावित रहेंगे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया जाएगा।
भारत खुद को एक प्रमुख वैश्विक खेल मेजबान के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। देश 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद में करने वाला है और 2036 ओलंपिक तथा 2038 एशियाई खेलों की मेजबानी के लिए भी बोली लगा रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने खिलाड़ियों, अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों के प्रतिनिधियों के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों के पदाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर अधिकतम पांच वर्ष तक के लिए मल्टी-एंट्री वीजा दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन नीतियों से भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए एक आकर्षक और भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
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