कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: मुरली श्रीशंकर लंबी कूद फाइनल में, साजन प्रकाश और तेजस शिर्से ने भी बनाई जगह
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मुरली श्रीशंकर, साजन प्रकाश और तेजस शिर्से ने शानदार प्रदर्शन कर अपने-अपने स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाई, जिससे भारत की पदक उम्मीदें बढ़ गई हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाई। पुरुषों की लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर, तैराकी में साजन प्रकाश और 110 मीटर बाधा दौड़ में तेजस शिर्से ने अपने-अपने मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत किया।
पुरुषों की लंबी कूद क्वालिफिकेशन में मुरली श्रीशंकर ने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की छलांग लगाकर सीधे फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। फाइनल में पहुंचने के लिए खिलाड़ियों को 8.00 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क पार करना था, जिसे श्रीशंकर ने अपने पहले ही प्रयास में पूरा कर लिया। 27 वर्षीय श्रीशंकर ने इससे पहले बर्मिंघम में आयोजित 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता था और इस बार स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरे हैं।
तैराकी में भारत के अनुभवी खिलाड़ी साजन प्रकाश ने पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा के हीट्स में दूसरा स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया। इस हीट रेस में स्कॉटलैंड के डंकन स्कॉट ने 1 मिनट 58.29 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान प्राप्त किया। 32 वर्षीय साजन प्रकाश का यह अंतिम प्रतिस्पर्धी सत्र माना जा रहा है और वह अपने करियर का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीतने के लक्ष्य के साथ फाइनल में उतरे हैं।
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वहीं, एथलेटिक्स की पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ में तेजस शिर्से ने भी फाइनल में जगह बना ली। शुरुआती चरण में पिछड़ने और सातवीं बाधा से टकराने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 13.76 सेकंड का समय निकाला और अपनी हीट में तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
भारतीय खिलाड़ियों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश की पदक संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं। अब खेल प्रेमियों की नजरें इन खिलाड़ियों के फाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां उनसे पदक जीतने की उम्मीद की जा रही है।