पुरी रथ यात्रा आज: सीसीटीवी, एआई निगरानी और 13 हजार पुलिसकर्मियों के बीच निकलेगी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा
पुरी रथ यात्रा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। 13 हजार पुलिसकर्मी, एआई आधारित निगरानी, सीसीटीवी और ड्रोन तैनात हैं, जबकि भारी बारिश का भी अलर्ट जारी है।
ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाली जाएगी। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस), ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम शामिल हैं।
अपराध शाखा के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) बत्तुला गंगाधर ने बताया कि रथ यात्रा की निगरानी के लिए एक एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से पूरे शहर में यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी। एआई आधारित विश्लेषण और मशीन लर्निंग तकनीक की मदद से भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना आसान होगा।
इस बीच, मौसम विभाग ने पुरी और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर पुरी में 143.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रशासन ने ग्रैंड रोड से बारिश का पानी निकालने के लिए विशेष पंप लगाए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी ने बताया कि भगवान बलभद्र का तलध्वज, देवी सुभद्रा का दर्पदलन और भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ मुख्य द्वार पर पहुंचा दिए गए हैं। रथ यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सुरक्षा के लिए 13 हजार पुलिसकर्मियों, केंद्रीय सशस्त्र बलों की 15 कंपनियों, एनएसजी कमांडो, भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और समुद्र तट पर 500 लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं। ओडिशा पुलिस महानिदेशक वाई. बी. खुरानिया ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था जमीन, समुद्र और हवाई निगरानी के साथ बहुस्तरीय बनाई गई है।
कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक भगवानों की पाहंडी (मूर्ति प्रस्थान) की रस्म पूरी होगी। इसके बाद पुरी के गजपति महाराजा द्वारा पारंपरिक छेरा पहरा अनुष्ठान और पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के दर्शन के उपरांत शाम 4 बजे श्रद्धालु रथ खींचना शुरू करेंगे। पिछले वर्ष हुई भगदड़ जैसी घटना से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने और आपातकालीन व्यवस्था को भी मजबूत किया है।
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