राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगा परिवार, मेघालय हाईकोर्ट के फैसले को देगा चुनौती
राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रहने के बाद परिवार सुप्रीम कोर्ट जाएगा। परिजनों ने न्याय के लिए निजी वकील के साथ कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया।
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हुई हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ अब राजा का परिवार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। यह फैसला मेघालय हाईकोर्ट द्वारा सोनम की जमानत रद्द करने से इनकार किए जाने के बाद लिया गया है।
राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि परिवार जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सोनम की जमानत रद्द करने की मांग करेगा। उन्होंने अभियोजन पक्ष की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि अब परिवार अपने स्तर पर निजी वकील नियुक्त कर न्याय की लड़ाई लड़ेगा।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मेघालय पुलिस ने गिरफ्तारी के समय सोनम को गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी क्यों नहीं दी। उनके अनुसार, यह एक गंभीर कानूनी चूक है।
सोमवार को मेघालय हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डिएंगदोह की एकल पीठ ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को प्रभावी ढंग से गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए, जिससे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का उल्लंघन हुआ।
गौरतलब है कि राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी शादी के बाद 21 मई 2025 को हनीमून मनाने शिलांग पहुंचे थे। 26 मई को दोनों के लापता होने की सूचना मिली थी। बाद में 2 जून को सोहरा स्थित वेई सॉडोंग फॉल्स के पास गहरी खाई से राजा का शव बरामद किया गया।
पुलिस जांच के अनुसार, सोनम का कथित रूप से राज कुशवाहा के साथ प्रेम संबंध था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर हनीमून के बहाने राजा की हत्या की साजिश रची। पुलिस ने इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।