नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 288 भारतीय नागरिक अभी भी नेपाल में लापता हैं। इस आपदा में अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों के लापता होने की खबर है। अभिनेता अनुपम खेर ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए नेपाल के लोगों के लिए प्रार्थना की है।
अनुपम खेर ने कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही देखकर वह बेहद दुखी और भयभीत हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की जान चली गई, परिवार बिछड़ गए और घर बह गए। कई बेजुबान जानवर भी इस विनाश की चपेट में आए हैं।
71 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि बाढ़ के दृश्य देखकर उन्हें “बेहद बेबसी” महसूस हो रही है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें सांत्वना देने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं।
और पढ़ें: नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच फंसे बंगाली अभिनेता खरज मुखर्जी और रजताभ दत्ता, परिवार ने बताया सुरक्षित
खेर ने प्रार्थना की कि जो लोग अभी मदद का इंतजार कर रहे हैं, उन तक राहत पहुंचे और अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे लोगों को उनके प्रियजन सुरक्षित मिलें। उन्होंने दुनिया से नेपाल की मदद के लिए करुणा और तत्परता के साथ आगे आने की अपील की।
वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में लापता 288 भारतीयों में 73 लोग त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करते हैं। भारतीय दूतावास काठमांडू में परियोजना प्रमुख के संपर्क में है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। इसके अलावा चीन के तिब्बत क्षेत्र में फंसे करीब 200 भारतीयों ने भी निकासी के लिए भारत से मदद मांगी है।
भारत सरकार ने नेपाल के अनुरोध पर राहत सामग्री भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जायसवाल ने कहा कि भारत इस संकट की घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा है और हरसंभव सहायता जारी रखेगा।
बताया गया है कि भोतेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का प्रवाह हिमस्खलन के कारण बाधित होने के बाद अचानक बाढ़ आई। बाढ़ ने सबसे पहले चीन सीमा के पास स्थित तिमुरे क्षेत्र को प्रभावित किया।
और पढ़ें: महाराष्ट्र साइबर कार्यक्रम में सम्मानित हुए समय रैना, पुलिस से पुराने विवादों पर किया मजेदार मजाक