पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता विफल हो गई है। इसके बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान से रवाना हो गए हैं।
वेंस ने बताया कि दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक लंबी बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान से यह स्पष्ट आश्वासन चाहिए था कि वह कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा, लेकिन इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई।
वेंस ने कहा, “हमने पूरी ईमानदारी से बातचीत की और समझौते की कोशिश की, लेकिन ईरान हमारी शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं हुआ। हमने काफी लचीलापन दिखाया, फिर भी कोई प्रगति नहीं हो सकी।”
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ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की बात कही और अमेरिका के संयुक्त नियंत्रण के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके अलावा, ईरान ने लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई रोकने और अपने जमे हुए फंड को रिलीज करने की भी मांग रखी।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका होर्मुज़ जलडमरूमध्य को साफ करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। अमेरिकी सेना का दावा है कि उसके दो युद्धपोत इस जलमार्ग को पार कर चुके हैं, जो इस संघर्ष के बाद पहली बार हुआ है।
हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य जहाज को होर्मुज़ से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान ने कहा कि केवल नागरिक जहाजों को ही विशेष शर्तों के तहत गुजरने दिया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और भविष्य की रणनीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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