ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का असर कई परिवारों की शादियों पर भी पड़ा। भारत में रहने वाले पुरुषों से सगाई कर चुकीं करीब 150 पाकिस्तानी युवतियों को लंबे इंतजार के बाद भारत आने का मौका मिला है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद इन दुल्हनों और उनके रिश्तेदारों को शादी के लिए वीजा जारी किए गए हैं।
बताया गया कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर वीजा और आवाजाही प्रतिबंधित होने के कारण पाकिस्तान के सिंध प्रांत की कई युवतियों की शादियां टल गई थीं। इनकी भारत में पहले ही सगाई हो चुकी थी और वे अपने होने वाले ससुराल में बसने का इंतजार कर रही थीं।
नागपुर के सामुदायिक कार्यकर्ता राजेश झांबिया के अनुसार, लंबी कोशिशों के बाद केंद्र सरकार ने इन महिलाओं और उनके परिवारों को भारत आने की अनुमति दी। हालांकि, उन्हें सड़क मार्ग के बजाय हवाई रास्ते से यात्रा करनी पड़ी। अप्रैल 2026 से अब तक करीब 150 पाकिस्तानी दुल्हनें और उनके परिवार दुबई, ओमान, श्रीलंका, बांग्लादेश तथा अन्य देशों के रास्ते भारत पहुंचे हैं। इनमें नागपुर से जुड़े करीब 15 मामले बताए गए हैं।
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इन परिवारों की मदद के लिए पाकिस्तान के सिंध स्थित शदानी दरबार और रायपुर के संत युधिष्ठिरलाल शदानी की ओर से भी प्रयास किए गए। मंदिर ने भारत में शादी करने वाली पाकिस्तानी युवतियों की सूची तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी थी।
राजेश झांबिया के मुताबिक, पाकिस्तान में अभी करीब 300 और युवतियां ऐसी हैं, जो भारत आने और अपनी शादी का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने सरकार से उनके लिए भी वीजा जारी करने की मांग की है।
ऑपरेशन सिंदूर 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच वीजा और सीमा संबंधी प्रतिबंध कड़े किए गए थे।
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