मणिपुर के कांगपोक्पी और सेनापति जिलों में सशस्त्र समूहों द्वारा बंधक बनाए गए 38 लोगों में से 28 नागा और कूकी समुदाय के लोगों को शुक्रवार (15 मई 2026) को पुलिस ने रिहा कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार (13 मई 2026) को कांगपोक्पी में कथित मिलिटेंट्स ने तीन चर्च नेताओं की हत्या कर दी थी और चार अन्य को घायल कर दिया था। वहीं, नॉनी जिले में एक नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसकी पत्नी घायल हुई।
सिनियर अधिकारी ने बताया कि कोंसाखुल गांव की बारह नागा महिलाएं, जिन्हें सशस्त्र मिलिटेंट्स ने बंधक बनाया था, उन्हें मखन गांव में रिहा किया गया। वहीं सेनापति जिले में कैद कूकी समुदाय के चार पुरुष और दस महिलाएं गुरुवार रात (14 मई 2026) को सुरक्षा बलों के हवाले कर दी गईं।
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अधिकारी ने यह भी बताया कि डॉन बॉस्को के दो सेल्सियन भाई, जिनमें से एक नागालैंड का निवासी है, अलग-अलग स्थानों पर सशस्त्र समूहों द्वारा रिहा किए गए।
मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम ने कहा कि सरकार नागरिक समाज समूहों और राजनीतिक नेताओं के साथ सक्रिय चर्चा कर रही है ताकि सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की जा सके।
यह रिहाई प्रक्रिया राज्य में बढ़ते तनाव के बीच एक राहत भरी खबर मानी जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सुरक्षा बल बंधकों की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहेंगे।
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