दिल्ली में एक प्रेरणादायक और भावुक करने वाली घटना सामने आई है, जहां 85 वर्षीय सेवानिवृत्त स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने ब्रेन डेड घोषित होने के बाद अपने अंगदान के जरिए कई लोगों को नया जीवन दिया।
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग अधिकारी को अपने घर पर अचानक गंभीर स्ट्रोक आया, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए एचसीएमसीटी मणिपाल अस्पताल, द्वारका में स्थानांतरित किया गया।
डॉक्टरों की टीम ने लगातार गहन चिकित्सा और सभी संभव प्रयास किए, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। 3 जून 2026 को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।
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इसके बाद परिजनों ने एक बड़ा और मानवीय निर्णय लेते हुए उनके अंगदान की सहमति दी। अस्पताल प्रशासन और ट्रांसप्लांट टीम की मदद से उनके अंगों को सुरक्षित रूप से जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
डॉक्टरों ने बताया कि इस अंगदान से कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो लोगों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक करता है।
अस्पताल प्रशासन ने भी परिवार के इस साहसिक और मानवीय कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह घटना दिखाती है कि मृत्यु के बाद भी कोई व्यक्ति दूसरों के जीवन को बचाने का माध्यम बन सकता है।
यह घटना अंगदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और मानवता की मिसाल के रूप में देखी जा रही है।
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