दिल्ली की एक अदालत ने बारामूला से सांसद अब्दुल रशीद शेख उर्फ इंजीनियर रशीद की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं और उनके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज आतंक फंडिंग मामले की जांच चल रही है।
अदालत में दायर याचिका में रशीद की ओर से अंतरिम राहत की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने माना कि मामला संवेदनशील प्रकृति का है और जांच अभी प्रारंभिक एवं महत्वपूर्ण चरण में है।
एनआईए ने उन पर आरोप लगाया है कि वे कथित रूप से आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन उपलब्ध कराने से जुड़े मामले में शामिल रहे हैं। इसी मामले में उन्हें पहले गिरफ्तार किया गया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को जमानत देना जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि उन्हें राजनीतिक और कानूनी आधार पर फंसाया गया है, लेकिन अदालत ने फिलहाल इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
यह मामला लंबे समय से चर्चा में है और जम्मू-कश्मीर की राजनीति पर भी इसका प्रभाव देखा जा रहा है। रशीद के समर्थक लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं, जबकि जांच एजेंसियां मामले की गहनता से जांच कर रही हैं।
अदालत के इस फैसले के बाद अब उनकी कानूनी लड़ाई आगे जारी रहेगी और अगली सुनवाई में मामले के अन्य पहलुओं पर विचार किया जा सकता है।
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