रमज़ान 2026 की शुरुआत के साथ ही बड़ी संख्या में मुसलमान अपनी आस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब कुरान और इस्लामी शिक्षाओं को आसान भाषा में समझने का एक प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। अनुवाद सहायता, दैनिक आयतों के रिमाइंडर और संक्षिप्त व्याख्या जैसी सुविधाओं ने धार्मिक अध्ययन को अधिक सुलभ बना दिया है।
पारंपरिक रूप से उलेमा और इस्लामी विद्वानों से शिक्षा प्राप्त करना महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन व्यस्त दिनचर्या के कारण कई लोग नियमित अध्ययन नहीं कर पाते। ऐसे में एआई एक सहायक साधन के रूप में सामने आया है। उपयोगकर्ता सरल निर्देश देकर सवाल पूछ सकते हैं, जैसे “सूरह रहमान को आसान भाषा में समझाएं” या “रमज़ान में रोज़ाना पढ़ने के लिए आयत बताएं।” एआई तुरंत स्पष्ट और संक्षिप्त उत्तर प्रदान करता है।
एआई टूल्स उच्चारण सुधारने, शब्दों के अर्थ समझाने और छोटी तफ़सीर देने में भी मदद करते हैं। इससे शुरुआती शिक्षार्थियों, कामकाजी लोगों और छात्रों को लचीलापन मिलता है। कई ऐप सेहरी से पहले या इफ्तार के बाद रिमाइंडर भी भेजते हैं, जिससे नियमित पढ़ाई संभव हो पाती है।
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इसके अलावा, एआई इस्लामी शिक्षाओं जैसे हदीस, रोज़े के नियम, नमाज़ की विधि और रमज़ान के आदाब को भी सरल भाषा में समझाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि एआई को केवल सहायक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जाए, न कि प्रामाणिक धार्मिक मार्गदर्शन के विकल्प के तौर पर।
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