एयर इंडिया ने गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को बताया कि ईरान के हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली उसकी उड़ानें अब वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करेंगी, जिसके कारण कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है। यह फैसला ईरान में मौजूदा तनाव, आर्थिक संकट के चलते हो रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों और इसके बाद ईरान के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण लिया गया है।
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। बयान के अनुसार, “ईरान में उभरती स्थिति और उसके हवाई क्षेत्र के बंद होने के चलते, क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की उड़ानें अब वैकल्पिक मार्ग से संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रा समय बढ़ सकता है और उड़ानों में देरी हो सकती है।”
एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ ऐसी उड़ानें, जिनके लिए फिलहाल मार्ग परिवर्तन संभव नहीं है, उन्हें रद्द किया जा रहा है। कंपनी ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा से पहले उड़ान की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए योजना बनाएं।
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ईरान के हवाई क्षेत्र का बंद होना अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि एशिया और यूरोप के बीच कई प्रमुख उड़ानें इसी मार्ग से होकर गुजरती हैं। वैकल्पिक मार्ग अपनाने से उड़ानों की दूरी बढ़ जाती है, जिससे ईंधन खपत और परिचालन समय में भी वृद्धि होती है।
एयर इंडिया ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही हालात सामान्य होंगे, उड़ानों को नियमित मार्ग से संचालित किया जाएगा। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन की वेबसाइट, कॉल सेंटर या संबंधित ट्रैवल एजेंट के माध्यम से अद्यतन जानकारी प्राप्त करते रहें।
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