समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा के गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर सीधे जवाब देने से बचते हुए राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। तमिलनाडु चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा डीएमके से दूरी बनाने की खबरों के बीच अखिलेश यादव का बयान काफी चर्चा में है।
अखिलेश यादव ने कहा “हम वे लोग नहीं हैं जो मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ छोड़ दें।” इसके साथ उन्होंने डीएमके प्रमुख एम. के. स्टालिन और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के साथ अपनी तस्वीरें साझा की। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस से दूरी बना सकती है।
लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है और वह केवल नफरत और विभाजन की राजनीति करती है।
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अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बचाने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर चुनावी “माफिया” के खिलाफ लड़ना होगा।
गौरतलब है कि 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को बड़ा झटका दिया था। भाजपा 80 में से केवल 33 सीटों पर सिमट गई थी। इसी सफलता के बाद माना जा रहा था कि दोनों दल 2027 विधानसभा चुनाव भी साथ लड़ सकते हैं।
हालांकि अखिलेश यादव के ताजा बयान ने गठबंधन के भविष्य को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
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