अयोध्या राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े विवादों के बीच गुजरात के प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर का एक कथित दान चोरी का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। बनासकांठा के कलेक्टर मिहिर प्रवीणकुमार पटेल ने बताया कि वायरल वीडियो हाल का नहीं, बल्कि करीब दो महीने पुराना है और इस मामले में पहले ही कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।
कलेक्टर ने बताया कि घटना सामने आते ही मंदिर ट्रस्ट और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मंदिर के तीन कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने दान राशि की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा मजबूत बनाने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। अब दान पेटियों की गिनती सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में की जा रही है और पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जा रही है। इसके अलावा गिनती में शामिल कर्मचारियों की प्रवेश और निकास के समय सघन जांच भी की जा रही है।
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मिहिर प्रवीणकुमार पटेल ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित पुराने वीडियो को वर्तमान घटना समझकर भ्रमित न हों। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की गई है।
प्रशासन का कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और दान राशि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सुदृढ़ कर दी गई है।
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