पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम मेदिनीपुर के देबरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार गरीब छात्रों के लिए स्कूलों के निर्माण और शिक्षा व्यवस्था सुधारने के बजाय मदरसों के निर्माण पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि इससे वंचित वर्ग के बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और विकास के मुद्दों की अनदेखी हो रही है।
शाह ने घाटल क्षेत्र में बाढ़ की समस्या का भी जिक्र किया और टीएमसी सरकार पर केंद्र की 1500 करोड़ रुपये की योजना को ठुकराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाटल के विकास के लिए यह मास्टर प्लान भेजा था, जिसमें 60 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार उठाने वाली थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया।
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उन्होंने जनता से वादा किया कि यदि राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है, तो एक साल के भीतर घाटल मास्टर प्लान लागू कर बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
इसके अलावा, अमित शाह ने ममता बनर्जी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी सत्ता में आने पर सभी अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें राज्य से बाहर करेगी।
उन्होंने टीएमसी पर “कट-मनी” राजनीति के जरिए भ्रष्टाचार फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि इससे पश्चिम बंगाल का विकास बाधित हुआ है।
अमित शाह के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में गर्माहट और बढ़ गई है, खासकर चुनावी माहौल में यह मुद्दा प्रमुख रूप से उभरता दिख रहा है।
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