केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर एक “क्वाड्रैंगुलर (चौकोणीय) फुलप्रूफ सुरक्षा ग्रिड” स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अवधारणा अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही इसका पायलट प्रोजेक्ट 7 से 8 स्थानों पर शुरू किया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सीमा सुरक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है ताकि घुसपैठ, तस्करी और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। उन्होंने बताया कि यह नया मॉडल पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली पर केंद्रित होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। प्रस्तावित ‘स्मार्ट बॉर्डर’ प्रणाली में उन्नत निगरानी उपकरण, सेंसर, ड्रोन और रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
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गृह मंत्री ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे देश के अन्य सीमा क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
अमित शाह ने कहा कि यह पहल देश की सुरक्षा को नई दिशा देगी और सीमाओं को अभेद्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत की सीमाओं को दुनिया की सबसे सुरक्षित सीमाओं में शामिल करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना भारत की सीमा सुरक्षा प्रणाली में एक बड़ा तकनीकी परिवर्तन साबित हो सकती है।
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