पंजाब सरकार ने शुक्रवार को अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर को उनके पद से हटा दिया। सरकार ने अमृतसर में बॉर्डर रेंज के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) हरमनबीर सिंह को अगले आदेश तक अमृतसर पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
हालांकि राज्य सरकार ने अभी तक भुल्लर को हटाने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह फैसला सामान्य प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है या किसी विशेष घटना से जुड़ा हुआ है। उनकी अगली नियुक्ति और अमृतसर पुलिस आयुक्त के स्थायी पदस्थापन को लेकर भी फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय हुआ है जब हाल ही में पुलिस आयुक्त से जुड़े एक कथित बयान को लेकर विवाद सामने आया था। सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े कुछ हैंडल्स ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया था कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी प्रदर्शन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित नेटवर्क से है। इस दावे के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई थी।
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हालांकि अमृतसर पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि वायरल वीडियो को काट-छांटकर संदर्भ से बाहर पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने अपनी प्रेस वार्ता में कभी यह नहीं कहा कि गिरफ्तार आरोपी जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल थे। उन्होंने केवल यह बताया था कि जांच के दौरान आरोपियों ने जंतर-मंतर क्षेत्र की रेकी की थी, जिसका प्रदर्शन में भागीदारी से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस ने चेतावनी दी थी कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना भ्रामक है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पंजाब सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि भुल्लर के तबादले को इस विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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