पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असिम मुनीर को जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन (एमएससी) के दौरान प्रोटोकॉल के तहत पहचान पत्र जांच का सामना करना पड़ा। सम्मेलन स्थल के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें रोककर आईडी कार्ड दिखाने के लिए कहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक महिला सुरक्षा अधिकारी ने मुनीर को रोकते हुए कहा, “रुकिए, आपका आईडी कहां है? कृपया अपना पहचान पत्र दिखाइए।” बताया जा रहा है कि मुनीर ने सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करते हुए अपना परिचय दिया और पहचान पत्र दिखाने के बाद उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी गई। उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में इस तरह की जांच सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया मानी जाती है।
घटना तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ आलोचकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान से जोड़कर देखा। पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी और टिप्पणीकार आदिल राजा ने कहा कि वैश्विक मंच पर उन्हें खुद परिचय देना पड़ता है।
और पढ़ें: सीएम का मतलब अब करप्ट माउथ : अखिलेश यादव का योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला
जर्मनी में कुछ राजनीतिक संगठनों ने मुनीर की सम्मेलन में भागीदारी का विरोध भी किया। जर्मनी स्थित सिंधी राष्ट्रवादी संगठन जिए सिंध मुत्ताहिदा महाज (जेएसएमएम) के कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल के बाहर प्रदर्शन किया।
संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और जर्मन सरकार को संबोधित बयान में पाकिस्तान की सेना पर मानवाधिकार उल्लंघन, गैर-न्यायिक हत्याओं और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लगाते हुए आपत्ति दर्ज कराई।
इस घटना के बाद पाकिस्तान की वैश्विक छवि और सैन्य नेतृत्व की अंतरराष्ट्रीय पहचान को लेकर बहस तेज हो गई है।
और पढ़ें: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में गैंडे के हमले से होमगार्ड की मौत