असम राज्यपाल ने ईंधन संरक्षण और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए अपने काफिले में 70% कमी की घोषणा की
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आर्थिक आत्मनिर्भरता” और जिम्मेदार राष्ट्र निर्माण के आह्वान का जवाब देते हुए ईंधन संरक्षण और स्थायी जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए।
राज्यपाल ने कहा कि ईंधन की बचत और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने अपने आधिकारिक काफिले में 70 प्रतिशत कमी करने की घोषणा की।
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आचार्य ने नागरिकों से अपील की कि वे दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कदम उठाकर ईंधन की बचत करें। उन्होंने कहा कि कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, और ईंधन-कुशल वाहनों को प्राथमिकता देने जैसे उपाय हर नागरिक के लिए जिम्मेदारी बन गए हैं।
राज्यपाल ने यह भी बताया कि असम सरकार ईंधन संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए अन्य पहलें भी शुरू कर रही है। इसमें ऊर्जा-कुशल अवसंरचना, सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग शामिल है।
इस कदम को असम में सतत विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाला एक प्रतीकात्मक और प्रेरक प्रयास माना जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि यदि हर नागरिक इस दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाए, तो न केवल राज्य बल्कि पूरे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
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