असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सोमवार को गुवाहाटी में सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष के प्रशासन और पूर्व सैनिकों के कल्याण एवं पुनर्वास से जुड़ी 49वीं राज्य प्रबंध समिति की बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक नाबार्ड परिसर स्थित सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य सशस्त्र बलों से जुड़े पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा करना तथा उनके पुनर्वास से संबंधित प्रयासों को प्रभावी बनाना था। राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष के प्रशासन और इसके माध्यम से पूर्व सैनिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष का उद्देश्य देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सशस्त्र बलों के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सहायता करना है। इसके तहत जरूरतमंद पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण, पुनर्वास तथा विभिन्न आवश्यकताओं के लिए सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है।
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राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए पूर्व सैनिकों के योगदान और राष्ट्र की सुरक्षा में उनके समर्पण के महत्व को रेखांकित किया। पूर्व सैनिकों ने अपने सेवाकाल के दौरान देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सेवानिवृत्ति के बाद उनके कल्याण तथा सम्मान की जिम्मेदारी समाज और सरकार दोनों की है।
गुवाहाटी में आयोजित इस बैठक के माध्यम से पूर्व सैनिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी प्रशासन और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक सशस्त्र बलों के पूर्व सदस्यों के प्रति सम्मान और उनके कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
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