उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष अभियान में हजारों लोगों ने सफाई कार्यों में योगदान दिया।
अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि शहर के लगभग 400 विभिन्न स्थानों पर नागरिक एकत्रित होकर स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
महापौर के अनुसार, अभियान को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 50 हजार लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से स्वच्छता अभियान में योगदान देने और शहर को साफ-सुथरा रखने का संकल्प लिया है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, पार्कों, घाटों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों की सफाई की गई। नागरिकों ने कचरा संग्रहण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता फैलाने जैसे कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के क्षेत्र में भी देश के लिए उदाहरण बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल एक अभियान न समझें, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
अभियान के दौरान लोगों ने स्वच्छता बनाए रखने, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सहयोग करने का संकल्प भी लिया। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के माध्यम से अयोध्या को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल किया जा सकता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत चलाया गया यह अभियान नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और स्वच्छ भारत मिशन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
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