उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पुलिस और मेरठ एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात अपराधी विपुल उर्फ खूनी मारा गया। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गोली लगने से विपुल गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक बदमाश शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के भभीसा गांव का रहने वाला था। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से दो .32 बोर की पिस्टल, बड़ी संख्या में कारतूस और खोखे तथा एक अपाचे बाइक बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, विपुल उर्फ खूनी एक शातिर अपराधी था और वह कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का सक्रिय सदस्य तथा शार्प शूटर बताया जाता था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों के तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विपुल के खिलाफ शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और दिल्ली समेत कई स्थानों के थानों में मामले दर्ज थे। उस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
अधिकारियों के अनुसार, विपुल लंबे समय से फरार चल रहा था और अदालत में पेश नहीं हो रहा था। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2014 में उसने कथित रूप से भभीसा गांव निवासी अशोक के भाई पवन की हत्या की थी। इस मामले में कांधला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद विपुल लगातार फरार रहा। उसके खिलाफ अदालत से वारंट भी जारी किए गए थे। जांच में उसका नाम वर्ष 2014 में एलम गांव में हुई एक चर्चित महिला हत्या और वर्ष 2017 में सहारनपुर के मानपुर में महिला प्रधान की हत्या के मामले में भी सामने आया था।
बागपत पुलिस और मेरठ एसटीएफ ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। हाल ही में फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में भी पुलिस कार्रवाई में दो बदमाश मारे गए थे।
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