बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले चुनाव आयोग से “पूर्ण निष्पक्षता” के साथ काम करने की अपील की है। बीएनपी के महासचिव मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर ने यह टिप्पणी रविवार शाम (18 जनवरी, 2026) को ढाका के अगारगांव स्थित चुनाव आयोग भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एएमएम नासिर उद्दीन से मुलाकात के बाद की।
बीएसएस के अनुसार, आलमगीर ने कहा कि बीएनपी ने हमेशा स्वतंत्र, निष्पक्ष और स्वीकार्य चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग के साथ सहयोग किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाल के दिनों में कुछ व्यवस्थाओं में पक्षपात दिखाई दे रहा है और कुछ आचरण चिंताजनक हैं। उन्होंने आयोग से ऐसे तौर-तरीकों से बचने और पूरी निष्पक्षता बरतने का आग्रह किया।
बैठक के एजेंडे पर विस्तार से बात करते हुए बीएनपी नेता ने कहा कि डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) से जुड़ा मुद्दा अब तक पूरी तरह सुलझा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश में रहने वाले पंजीकृत मतदाताओं के लिए जिस तरह से मतपत्र छापे गए हैं, वह सही नहीं है और इससे किसी एक राजनीतिक दल को विशेष लाभ देने की कोशिश की जा रही है। बीएनपी ने इन मतपत्रों में बदलाव की मांग की है।
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इसके अलावा, उन्होंने अनुरोध किया कि देश के भीतर चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को चुनाव चिह्न आवंटन के बाद ही डाक मतपत्र दिए जाएं, ताकि वे भी अपने विवेक से मतदान कर सकें।
आलमगीर ने यह भी आरोप लगाया कि एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं के राष्ट्रीय पहचान पत्र (NID), बीकेश नंबर और मोबाइल नंबर इकट्ठा कर रहे हैं, जो निजता का उल्लंघन और आपराधिक कृत्य है। उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से मतदाताओं को ढाका स्थानांतरित किए जाने को अनैतिक बताया और इसका विस्तृत ब्यौरा मांगा।
वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सभी हितधारकों से स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि आयोग के सभी फैसले बिना किसी पक्षपात के और गहन विश्लेषण के बाद लिए गए हैं।
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