पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को धूरी से आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यव्यापी घर-घर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शुरू किया गया है। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता सरकार के करीब साढ़े चार साल के कामकाज और योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे।
अभियान के दौरान मान ने अपनी सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और पहलों को प्रमुखता से बताया। इनमें मुफ्त बिजली, आम आदमी क्लीनिक के जरिए मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं, सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा और निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण के प्रयास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों को दी जाने वाली पेंशन, मुफ्त राशन और ‘मावां दियां’ योजना के तहत महिलाओं को दी जा रही वित्तीय सहायता का भी उल्लेख किया। मान ने दावा किया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों से प्रत्येक परिवार को औसतन करीब 1.80 लाख रुपये की बचत हुई है।
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आप के अनुसार, राज्यभर में बूथ स्तर के कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देंगे। पार्टी ने 25,332 मतदान केंद्रों को अभियान के दायरे में रखा है और बड़ी संख्या में बूथ समिति सदस्य इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
अभियान के दौरान मान ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के बीच राजनीतिक मतभेदों का उल्लेख किया और अकाली दल की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी की।
नशे के मुद्दे पर भी पंजाब में सियासी बयानबाजी तेज है। बीजेपी ने ‘नशा मुक्त पंजाब’ अभियान शुरू किया है और राज्य सरकार पर नशे की समस्या से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया है। मान ने बीजेपी के अभियान पर सवाल उठाते हुए नशे की तस्करी को लेकर गुजरात का जिक्र किया। बीजेपी और आप दोनों इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।
यह जनसंपर्क अभियान पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के बीच शुरू हुआ है। आप इसे सरकार के कामकाज और योजनाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने की पहल के रूप में पेश कर रही है।
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