बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने वैशाली और सारण जिलों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और हाजीपुर तथा सोनपुर में बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों के लिए की गई राहत और बचाव व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में संचालित सामुदायिक रसोई का निरीक्षण किया और बाढ़ प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को समय पर पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो।
स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा
सम्राट चौधरी ने शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों में तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से उपलब्ध सेवाओं की जानकारी ली। बाढ़ प्रभावित लोगों को आवश्यक दवाएं और उपचार समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
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इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सा शिविरों का भी निरीक्षण किया। बाढ़ के कारण प्रभावित पशुओं के इलाज, चारे और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई।
प्रभावित लोगों से की बातचीत
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने राहत शिविरों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में लोगों से सीधे जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चला रहा है। मुख्यमंत्री के दौरे का उद्देश्य जमीनी स्तर पर राहत व्यवस्था की समीक्षा करना और बाढ़ पीड़ितों को तत्काल सहायता सुनिश्चित करना है। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों तक आवश्यक मदद पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रखा गया है।
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