कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपेडा) ने बिहार के मूल्य संवर्धित (वैल्यू एडेड) फ्लेवर्ड मखाने की पहली समुद्री खेप को कनाडा भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस उपलब्धि को बिहार के प्रमुख कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सात मीट्रिक टन फ्लेवर्ड मखाने की पहली खेप, जिसे दो कंटेनरों में पैक किया गया, 29 जुलाई को दरभंगा से रवाना की गई। यह खेप मुंद्रा बंदरगाह के माध्यम से कनाडा की कंपनी जेडकेवी फूड्स को भेजी गई। इस उत्पाद का प्रसंस्करण और पैकेजिंग न्यूट्रिविन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड ने अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया।
यह निर्यात बिहार के मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे राज्य की खाद्य प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात-उन्मुख विनिर्माण क्षमता को भी वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।
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एपेडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने इस पहली खेप को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि निर्यातकों, प्रसंस्करण इकाइयों, किसानों, उद्योग जगत और एपेडा के संयुक्त प्रयासों से बिहार का कृषि निर्यात तंत्र मजबूत हुआ है। इससे राज्य के विशिष्ट कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में नई सफलता मिली है।
कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी क्षेत्र अनुसंधान परिसर के मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार, जिला कृषि विपणन पदाधिकारी लोकनाथ ठाकुर, एपेडा के वरिष्ठ अधिकारी, निर्यातक और मखाना उद्योग से जुड़े अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिहार देश का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक राज्य है। स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक स्नैक के रूप में मखाने की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार बढ़ रही है। फ्लेवर्ड मखाने के निर्यात से नए बाजार खुलेंगे और बिहार के इस प्रमुख कृषि उत्पाद की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, मूल्य संवर्धन के कारण मखाना आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े किसानों की आय में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। बेहतर प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात आधारित उत्पादन से भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ रही है।
मंत्रालय ने बताया कि एपेडा क्षमता निर्माण, निर्यात अवसंरचना, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, बाजार संपर्क और मूल्य संवर्धन के माध्यम से बिहार को एक प्रमुख कृषि निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। यह पहल किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों के लिए स्थायी आय के नए अवसर भी सृजित करेगी।
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