बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) की 10 सीटों पर हुए चुनाव में गुरुवार को सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। इनमें एनडीए ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को 1 सीट मिली। एनडीए की ओर से भाजपा और जदयू ने 4-4 सीटें हासिल कीं, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 1 सीट मिली।
चुनाव प्रक्रिया में शामिल सभी 10 उम्मीदवारों को नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद विजयी घोषित किया गया। यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि 9 सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा था, जबकि एक सीट पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के कारण खाली हुई थी।
इस चुनाव में सबसे चर्चित नामों में निशांत कुमार (नीतीश कुमार के पुत्र) और भोजपुरी अभिनेता व गायक पवन सिंह शामिल रहे। दोनों का निर्विरोध चुना जाना बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद निर्वाचित हुए, जिसमें ललन प्रसाद ने उपचुनाव वाली सीट जीती। भाजपा से पवन सिंह, संजय प्रकाश मयुख, अनिल ठाकुर और शीला पांडे विजयी रहीं। वहीं एलजेपी (रामविलास) से अशरफ अंसारी और राजद से सुनील सिंह को एमएलसी चुना गया।
इस बीच, रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को इस बार एनडीए ने उम्मीदवार नहीं बनाया, जिससे उनका मंत्री पद भी खतरे में आ गया है। उनका छह महीने का संवैधानिक कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने उपेंद्र कुशवाहा से पार्टी विलय का प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। इसी कारण दीपक प्रकाश की राजनीतिक स्थिति पर अनिश्चितता बनी हुई है।
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