बिहार पुलिस ने NEET-UG समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। मुजफ्फरपुर जिले से इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से परीक्षार्थियों को झांसा देकर नकली प्रश्नपत्र बेचते थे और इसके बदले मोटी रकम वसूलते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार और हर्ष कनोडिया के रूप में हुई है। पुलिस ने इन चारों को गिरफ्तार किया और उनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह चिंतित अभिभावकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को निशाना बनाता था।
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 2 जून को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालू घाट इलाके से गिरफ्तार किए गए मनीष झा से पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क की जानकारी मिली थी। उसी के इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसके चार सहयोगियों को गिरफ्तार किया।
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पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके पास परीक्षा के असली प्रश्नपत्र उपलब्ध हैं। इसके बाद वे ऑनलाइन बैंक खातों में पैसे मंगवाते थे और एकत्रित राशि मनीष झा तक पहुंचाते थे।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। इस बीच बिहार पुलिस ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि यदि किसी परीक्षा में गड़बड़ी या फर्जी प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी मिले तो तुरंत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सूचित करें। साइबर ठगी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी दर्ज कराई जा सकती है।
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